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अभय चौटाला को समर्थन देकर अशोक तंवर ने एक तीर से साधे कई निशाने, देखें यें खास रिपोर्ट

 

सिरसा।अपना भारत मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सांसद अशोक तंवर ने ऐलनाबाद उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला को समर्थन देकर चुनावी जंग में बड़ी हलचल मचाने का काम किया है।

अशोक तंवर का समर्थन मिलने से जहां इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला को बड़ा फायदा होगा वही इस फैसले के जरिए अशोक तवर ने भी एक तीर से पांच निशाने साधने का काम किया है।

 

निशाना नंबर 1

कांग्रेस को सियासी नुकसान पहुंचाना

 

कांग्रेस से नाता तोड़ने के बाद अशोक तंवर का यह लगातार प्रयास रहा है कि कांग्रेस को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जाए। अशोक तंवर को इस बात की टीस है कि कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष के ओहदे के साथ उन्हें वह अधिकार नहीं दिए गए जिसके चलते वे भूपेंद्र हुड्डा के कड़े विरोध के बावजूद कांग्रेस को मजबूत पार्टी के रूप में खड़ी कर जाते। इनेलो को समर्थन देकर अशोक तंवर ने कांग्रेस को कमजोर करने का पहला निशाना साधा है।

 

निशाना नंबर 2

 सत्ता की खिलाफत

अशोक तंवर लगातार यह कहते आए हैं कि बीजेपी-जेजेपी गठबंधन ने जनता की उम्मीदों के साथ विश्वासघात किया है। अशोक तंवर गठन सरकार के फैसले और नीतियों पर लगातार सवालिया निशान खड़ा करते रहे हैं। सरकार के प्रति जनता के गुस्से को महसूस करते हुए अशोक तंवर ने उपचुनाव में इनेलो का समर्थन करके बीजेपी जेजेपी गठबंधन सरकार के खिलाफ दूसरा निशाना साधा है

 

निशाना नंबर 3

कांडा परिवार की खिलाफत

 

यह सभी जानते हैं कि अशोक तंवर का गोपाल कांडा और गोविंद कांडा के साथ 36 का आंकड़ा रहा है। कांडा परिवार ने कई अवसरों पर अशोक तवर की खिलाफत में काम किए जिसके कारण अशोक तंवर उनसे हिसाब करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐलनाबाद उपचुनाव में गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा के बीजेपी की टिकट में उतरने के कारण अशोक तंवर के लिए यह जरूरी हो गया था कि वह अपने समर्थकों के वोट कांडा परिवार के खिलाफ उस प्रत्याशी को दिलाएं जो उन्हें धूल चटाने की संभावना रखता है। इनेलो प्रत्याशी को समर्थन देकर अशोक तंवर ने कांडा परिवार के खिलाफ तीसरा निशाना साधा है।

 

निशाना नंबर 4 

अपनी अहमियत बरकरार रखी

 

अशोक तंवर का सियासी कर्मक्षेत्र सिरसा ही रहा है और वे यहां पर अपनी सियासी अहमियत हर हाल में बरकरार रखना चाहते हैं। कांग्रेस से अलग होने के बाद अशोक तंवर ने अपना भारत मोर्चा का गठन किया है। इस बार चुनाव में उन्होंने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। इनेलो प्रत्याशी का समर्थन करके अशोक तंवर ने अपनी अहमियत बरकार रखने का चौथा निशाना साधा है।

 

निशाना नंबर 5

 

इनेलो के साथ गठबंधन के दरवाजे खोले

 

अशोक तंवर ने इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला को समर्थन देकर आगामी 2024 के विधानसभा चुनाव के लिए इनेलो के साथ गठबंधन के दरवाजे खोलने का काम किया है। अपना भारत मोर्चा को प्रदेश की बड़ी सियासी ताकत बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे अशोक तंवर गठबंधन की सियासत का विकल्प भी खुला रखना चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने अभय चौटाला को समर्थन देकर इनेलो के साथ गठबंधन करने के विकल्प के रूप में पांचवा निशाना साधा है।

 

खरी खरी बात है कि अशोक तंवर और अभय चौटाला के सियासी दुश्मन समान हैं। ऐसे में अशोक तंवर ने अभय चौटाला को ऐलनाबाद उपचुनाव में समर्थन देकर स्वभाविक तौर पर अपने सियासी लक्ष्यों की तरफ कदम बढ़ाने का काम किया है। अशोक तंवर का समर्थन जहां इनेलो का मनोबल बढ़ाने का काम करेगा वही उपचुनाव में एक निर्णायक फैक्टर भी साबित हो सकता है।

अशोक तवर ने अभय चौटाला का समर्थन करके समझदारी का फैसला किया है जिसका दोनों ही दलों और दोनों ही नेताओं को बड़ा फायदा होगा।

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