Khari Khari News
News

राव इंद्रजीत के शहीदी दिवस समारोह को लेकर खास खरी खरी खबर, भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा का कल जवाब देंगे राव इंद्रजीत

राव इंद्रजीत के शहीदी दिवस समारोह को लेकर खास खरी खरी खबर

भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा का कल जवाब देंगे राव इंद्रजीत
झज्जर के पाटोदा गांव में कल 23 सितंबर को शहीदी दिवस समारोह का आयोजन

कुलदीप श्योराण
चंडीगढ़। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कल 7 साल के बाद पहली बार बड़े स्तर पर 23 सितंबर को शहीदी दिवस समारोह का आयोजन कर रहे हैं। अहीरवाल के साथ लगते झज्जर जिले के पटौदा गांव में आयोजित होने वाले इस समारोह को राव इंद्रजीत के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
इस समारोह की सियासी तौर पर खास अहमियत होने की कई वजह हैं-

-राव इंद्रजीत के शहीदी दिवस समारोह को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की बेहद सफल जन आशीर्वाद यात्रा का जवाब माना जा रहा है।
-शहीदी दिवस समारोह के जरिए पहले भी राव इंद्रजीत कई बार शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं।
-कांग्रेस छोड़ने से पहले राव इंद्रजीत ने किए थे तीन शक्ति प्रदर्शन।

-कांग्रेस की तरह भाजपा में भी अस्तित्व की लड़ाई से जूझ रहे राव इंद्रजीत।
– जोरदार शक्ति प्रदर्शन के जरिए विरोधियों को देना चाह रहे करारा जवाब।
-भूपेंद्र यादव की इंट्री के बाद राव इंद्रजीत को मिल रही कड़ी चुनौती।

– भूपेंद्र यादव इंद्रजीत को नजर आ रहे बड़े प्रतिद्वंदी।
-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ शामिल होंगे समारोह में
– मुख्यमंत्री मनोहर लाल को नौता नहीं भेजा गया।
– अहीरवाल की सियासत में राव इंदरजीत के शक्ति प्रदर्शन पर सबकी निगाहें।
-बड़ी हाजिरी के जरिए इंद्रजीत विरोधियों को दिखाएंगे अपनी सियासी ताकत ।

-इंद्रजीत समर्थक आधा दर्जन विधायक और चार मित्र सांसदों के समारोह में शामिल होने की उम्मीद।
– मंत्री ओमप्रकाश यादव और डॉ बनवारी लाल ने समारोह को कामयाब करने के लिए लगाई पूरी ताकत।
– राव इंद्रजीत के शक्ति प्रदर्शन पर भाजपा के अलावा विरोधी दलों की भी पूरी नजर।

– 9 साल तक भूपेंद्र हुड्डा के कारण केंद्रीय मंत्री होते हुए भी कांग्रेस में उपेक्षित रहे राव इंद्रजीत।
-भूपेंद्र हुड्डा के कारण ही कांग्रेश छोड़ने को मजबूर हुए थे राव इंद्रजीत।
– भाजपा की 7 साल की सरकार में मुख्यमंत्री खट्टर के साथ भी राव इंद्रजीत का 36 का आंकड़ा।
– जानबूझकर भाजपा राव इंद्रजीत का नहीं बढ़ा रही कद।
– लगातार दूसरी बार राज्य मंत्री के पद पर ही सीमित रखा राव इंद्रजीत को।

– भूपेंद्र यादव को कैबिनेट मंत्री बनाकर राव इंद्रजीत के सामने मजबूती से प्रोजेक्ट किया।
– भाजपा राव इंद्रजीत पर निर्भरता को खत्म करने के लिए बना रही रणनीति।
– अहीरवाल के कारण ही भाजपा दोनों बार सत्ता पर काबीज हुई।
– अहीरवाल के जनसमर्थन को हर हाल में कायम रखना चाहती है भाजपा।
-भूपेंद्र यादव को मुख्यमंत्री बनाकर ही भाजपा अहीरवाल में राव इंदरजीत का प्रभाव कम कर सकती है।
-सिर्फ केंद्रीय मंत्री बनाने से भूपेंद्र यादव राव इंद्रजीत को टक्कर नहीं दे पाएंगे।


– राव इंद्रजीत के मजबूत विकल्प के तौर पर भूपेंद्र यादव को तैयार कर रही भाजपा
-एक बार फिर राव इंद्रजीत के लिए बन रहे आर पार के हालात

खरी खरी बात यह है कि कांग्रेस राज में भूपेंद्र हुड्डा के साथ रही रिश्तो की खटास के बाद भाजपा में आना भी राव इंद्रजीत के लिए कोई खास लाभदायक नहीं रहा।

भाजपा को सत्ता की सरताज बनाने में अहम योगदान देने वाले राव इंद्रजीत को भाजपा अभी तक पूरी तरह अपना नहीं पाई है और उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है।
केंद्र सरकार में लगातार चार बार से मंत्री चले आ रहे राव इंद्रजीत को जानबूझकर राज्यमंत्री का छोटा दर्जा दिया गया है।

भूपेंदर यादव की हरियाणा में जोरदार एंट्री के बाद राव इंद्रजीत सिंह के कान खड़े हो गए हैं और वह शहीदी दिवस समारोह के जरिए भाजपा को यह दिखाना चाहते हैं कि उनके साथ अहिरवाल का मजबूत वोटबैंक है और उनके साथ छेड़खानी करनी भाजपा को भारी पड़ेगी।

अब देखना यही है कि शहीदी दिवस समारोह के जरिए राव इंदरजीत भाजपा को डराने में कितना सफल हो पाएंगे।

Related posts

HBSE बोर्ड HTET की परीक्षा के लिए जल्द निकालेगा एप्लिकेशन फॉर्म, परीक्षार्थी रहें तैयार

kharikharinews

कांग्रेस के 99 फ़ीसदी नेता हैं डिफाल्टर/  पार्टी के प्रति नहीं है कोई वफादार/ congress 99 fisdi leaders defaulter

kharikharinews

खौफनाक हत्या का लाइव वीडियो, मौत के बाद भी युवक की लाश को पीटते रहे दरिंदे

Mukshan Verma

Leave a Comment