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हरियाणा से कब होगी मॉनसून की विदाई, जानिये कब तक होगी झमाझम बारिश 

 

हरियाणा के आसपास के राज्‍यों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों ने भी हरियाणा में बारिश की संभावना जताई है। अनुमान है कि हरियाणा में मानसून की विदाई में 10 दिन की देरी संभव मानी जा रही है। वहीं चार दिन अभी कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम में आए हालिया बदलाव और मानसून का देरी से आगमन इसकी अवधि बढ़ा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने 16 सितंबर को दोबारा मानसून सक्रिय होने की संभावना व्यक्त की थी, जिसके मुताबिक मौसम में बदलाव भी हुआ और बरसात का सिलसिला शुरू हो गया।

यह सिलिसला 20 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मौसम में हाल ही में आए बदलाव के कारण इस साल मानसून देरी से जाएगा। जिस साल मानसून देरी से आता है उस वर्ष उसकी विदाई भी देरी से होती है।

इस साल समय से पहले तो दस्तक दे दी थी, लेकिन उसकी सक्रियता देरी से हुई थी। हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में 20 सितंबर तक बरसात होने की संभावना बनी हुई हैं। इससे मानसून की सक्रियता सितंबर आखिरी सप्ताह तक रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक ने बताया है कि साल तराई में औसत से 30 प्रतिशत कम बरसात दर्ज की गई है। जून की औसत बारिश 190.7 मिमी है जबकि इस साल 132 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। इसी तरह जुलाई की औसत बरसात 440.6 मिमी है। लेकिन इस साल 239.8 मिमी बरसात हुई।

अगस्त में भी 452.7 मिमी औसत बरसात हुई, लेकिन इस साल 299.7 मिमी बरसात दर्ज की गई। हालांकि हरियाणा में मानसून काफी मेहरबान रहा है। प्रदेश में अब तक 506.6 एमएम बरसात दर्ज की गई है जो सामान्य से 21 फीसद अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल मानूसन 10 दिन देरी से 26 सितंबर तक विदा होने की संभावना है।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम

कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। यह जल्द ही कमजोर हो जाएगा। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी तक फैला हुआ है।

मॉनसून की ट्रफ रेखा जैसलमेर, अजमेर, उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान पर बने हुए निम्न दबाव के केंद्र से होती हुई, सतना, जमशेदपुर, दीघा और फिर दक्षिण पूर्व की ओर बंगाल की पूर्वी मध्य खाड़ी की ओर जा रही है।

एक निम्न दबाव की रेखा उत्तर पश्चिमी अरब सागर से कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक गुजरात होते हुए गुजर रही है।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी के पास बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, दक्षिण तमिलनाडु, गुजरात के अलग-अलग हिस्सों और गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश बारिश के साथ कहीं नहीं भारी बारिश हुई।

सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, गुजरात क्षेत्र, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, पंजाब के अलग-अलग हिस्सों, ओडिशा, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, पूर्वी राजस्थान, गुजरात के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल के शेष हिस्से, आंतरिक ओडिशा के कुछ हिस्सों, बिहार, झारखंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उत्तराखंड और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

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