Eduction Loan लेने से पहले इन जरूरी बातों का रखे ध्यान, नहीं होगी परेशानी, मिलेगा लाभ

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Eduction Loan लेने से पहले इन जरूरी बातों का रखे ध्यान, नहीं होगी परेशानी, मिलेगा लाभ    

Eduction Loan: अगर आप भी अपनी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लेने के बारे में सोच रहे है तो पहले इन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर जल्‍दबाजी में आपने पूरी जांच-पड़ताल के बिना लोन ले लिया, तो भविष्‍य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सोच-समझकर और अच्‍छे से पूछ-परख करके आप लोन लेने का फायदा यह होगा कि आपको ब्‍याज के रूप में कम पैसे तो चुकाने ही होंगे, लोन चुकता करने में भी कोई परेशानी नहीं आएगी। 


बैंक कोर्स की अवधि के अलावा एक साल का अतिरिक्त मोरेटोरियम समय भी लोन चुकाने के लिए देते हैं। ईएमआई जब चुकाना शुरू करते हैं तो 15 साल का रीपेमेंट पीरियड मिलता है। जिस दिन लोन मिलता है, उसी दिन से ब्याज शुरू हो जाता है। बैंक मोरेटोरियम पीरियड को दो साल और बढ़ा सकता है। लोन लेते वक्‍त इन सब बातों को ध्‍यान में रखते हुए रीपेमेंट पीरियड चुनना चाहिए।

एजुकेशन लोन ब्‍याज दर कोर्स, संस्‍थान, पिछले एकेडमिक परफॉरमेंस, छात्र को-एप्लीकेंट के क्रेडिट स्कोर और सिक्योरिटी जैसी बातों पर निर्भर करती है। अलग-अलग बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों की ब्‍याज दरों में भी फर्क होता है। इस लिए लोन लेने से पहले सभी बैंकों की ब्‍याज दरों की जानकारी अच्‍छी तरह से ले लेनी चाहिए।

इसके साथ ही जिस कोर्स और संस्‍थान में आप दाखिला ले रहे हैं, उस कोर्स और संस्‍थान की प्‍लेसमेंट दर को एजुकेशन लोन लेने से पहले जानना जरूरी है। प्‍लेसमेंट और वेतन का आइडिया होने पर मासिक आय और इसके हिसाब से ईएमआई का आंकलन करने में मदद मिलेगी। लोन अवधि चुनने में भी भविष्‍य की कमाई आंकलन बहुत काम आता है.

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