हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन टूटने के बाद जेजेपी के व्हिप का पालन नहीं करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की तैयारी

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चंडीगढ़: हरियाणा के अंदर बीजेपी पार्टी से जेजेपी का गठबंधन टूटने के बाद जेजेपी पार्टी के अंदर आंतरिक कलह होने के आसार है । जेजेपी ने उन पांच विधायकों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है जो बुधवार को व्हिप जारी होने के बाद भी सदन की कार्यवाही का हिस्सा बन गए थे। 

इन विधायकों से कारण बताओ नोटिस जारी करके उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। वही पार्टी लगातार तीन दिन कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मन जानेगी जिसके बाद फैसला किया जाएगा की कहां से उम्मीदवार उतारे जाएंगे और कहां से नहीं।

जेजेपी में कुल 10 विधायक हैं। जेजेपी कोटे से मनोहर सरकार में मंत्री रहे देवेंद्र बबली के साथ ही विधायक ईश्वर सिंह, रामकुमार गौतम, जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा की बीजेपी से नजदीकियां किसी से छिपी नहीं है। 

 विधानसभा के बजट सत्र में पिछले महीने दुष्यंत और दादा गौतम के बीच मतभेद खुलकर सामने आए, जब सदन में ही दोनों में न केवल जमकर आरोप-प्रत्यारोप चले, बल्कि एक-दूसरे को इस्तीफा देने तक की नसीहत दे डाली।

मामला फिर गरमा गया, जब जेजेपी के पांच विधायक हिसार में आयोजित नवसंकल्प रैली से दूरी बनाते हुए चंडीगढ़ पहुंच गए और विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा बने । 

मीडिया से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि व्हीप के उल्लंघन को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। जांच कराई जाएगी कि कौन-कौन से विधायक विश्वास मत पर चर्चा के दौरान सदन में मौजूद थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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